परिचय

कई परिवार अष्टमी या नवमी पर कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर सम्मान देते हैं। रीति अलग-अलग होती है। बच्चों की सहमति, सुविधा और स्वच्छता का ध्यान रखें। तिथि के लिए स्थानीय पंचांग देखें।

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ध्यान दें

परंपरा और तिथियाँ क्षेत्र, मंदिर, परिवार और पंचांग के अनुसार अलग हो सकती हैं।