माँ कूष्मांडा कौन हैं?
माँ कूष्मांडा नवदुर्गा का 4वाँ स्वरूप हैं। इन्हें सृष्टि की रचना से जुड़ी तेजस्वी माता के रूप में जाना जाता है। यह स्वरूप हमें सृजन शक्ति और आशा की प्रेरणा देता है।
स्वरूप और प्रतीक
प्रचलित चित्रों में तेजस्वी स्वरूप और अनेक भुजाएँ दिखाई देते हैं। अलग-अलग परंपराओं में स्वरूप का वर्णन थोड़ा भिन्न हो सकता है।
घर पर सरल प्रार्थना
माँ को प्रणाम करें, कुछ समय शांत बैठें और सृजन शक्ति और आशा के लिए प्रार्थना करें। अपनी परंपरा के अनुसार फूल अर्पित कर सकते हैं या सुरक्षित ढंग से दीपक जला सकते हैं। दुर्गा चालीसा या दुर्गा सप्तश्लोकी भी पढ़ें।
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नोट: दिन का क्रम प्रचलित नवदुर्गा परंपरा पर आधारित है; स्थानीय रीति अलग हो सकती है।
